Table of Contents
अमेरिकी नागरिकों के प्रवेश पर दो अफ्रीकी देशों की पाबंदी
नई दिल्ली. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन में कई देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया था। अब इस नीति के उत्तर में, बुर्किना फासो और माली ने अमेरिकी नागरिकों के लिए अपने देश में प्रवेश पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है।
ट्रंप प्रशासन की नीति का प्रतिक्रमण
बुर्किना फासो और माली ने अमेरिकी नागरिकों की एंट्री पर लगाए गए प्रतिबंधों का कारण ट्रंप प्रशासन द्वारा 39 देशों के लोगों पर लागू किए गए यात्रा प्रतिबंधों को बताया है। यह प्रतिबंध उन देशों के नागरिकों पर लागू होता है जो फीफा विश्व कप 2026 के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं, जिसका आयोजन अमेरिका और कनाडा में होना है।
बयानों में स्पष्टता
बुर्किना फासो के विदेश मंत्री करामाो जीन मैरी त्राओरे ने स्पष्ट किया है कि उनके देश में अमेरिकी नागरिकों के लिए वही यात्रा नियम लागू होंगे जो अमेरिका ने उनके नागरिकों के लिए निर्धारित किए हैं। माली के विदेश मंत्रालय ने भी इसी तरह की स्थिति की पुष्टि करते हुए कहा है कि अमेरिकी नागरिकों पर वही शर्तें लागू होंगी जो माली के लोगों के लिए अमेरिका ने निर्धारित की हैं।
महत्वपूर्ण निर्णय पर खेद
माली ने यह भी बताया है कि यह फैसले अमेरिका के साथ बिना किसी परामर्श के लिए गए हैं, जिसके लिए उन्होंने खेद व्यक्त किया है। ट्रंप द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों में से 25 देश अफ्रीका से हैं, जो इस मुद्दे को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
प्रतिबंधित देशों की सूची
अमेरिका में जिन देशों के नागरिकों पर सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें सीरिया, फिलिस्तीन, नाइजर, सिएरा लियोन और दक्षिण सूडान जैसे गरीब देश शामिल हैं। वहीं, सेनेगल और आइवरी कोस्ट के नागरिकों पर आंशिक प्रतिबंध लागू किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए खिलाड़ियों को प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन प्रशंसकों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!
