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बिहार में नीतीश कुमार का दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण
2025 में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित किया जा रहा है। आगामी दिनों में एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर महागठबंधन को एक बड़ा झटका दिया है। आज सुबह 11:30 बजे, शपथ ग्रहण समारोह में नीतीश कुमार का रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री बनना सुनिश्चित है।
महाजुटान में शामिल होंगे अन्य मुख्यमंत्री
इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और लगभग डेढ़ दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री उपस्थित रहेंगे। सभी अतिथियों के लिए होटल मौर्या में खास इंतजाम किए गए हैं। यहाँ बिहार के प्रसिद्ध व्यंजन जैसे लिट्टी-चोखा और मखाने की खीर मेहमानों को परोसी जाएगी।
उम्मीदों पर खरा उतरने का वादा
लोजपा के प्रमुख चिराग पासवान ने नई सरकार की उम्मीदों को लेकर उत्साह प्रकट किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य के विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। उन्होंने वादा किया कि नई सरकार द्वारा जनता की अपेक्षाओं का अवश्य सम्मान किया जाएगा।
सुरक्षा प्रबंध और आयोजन की तैयारियां
शपथ ग्रहण समारोह के लिए पटना में सुरक्षा व्यवस्था को उच्चतम स्तर पर रखा गया है। गांधी मैदान को वीवीआईपी जोन में तब्दील किया गया है, जहाँ प्रधानमंत्री मोदी के हेलिकॉप्टर के लिए तीन अस्थायी लैंडिंग पैड बनाए गए हैं। समारोह की सुरक्षा के लिए चार हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
राजनीतिक हलचल और नई जिम्मेदारियां
नीतीश कुमार ने विधायकों से क्षेत्रों में विकास योजनाओं की निगरानी पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि परिवर्तनों की आवश्यकता के अनुसार मंत्रिमंडल का विस्तार 14 जनवरी के बाद किया जाएगा। यह दर्शाता है कि नई सरकार की योजनाएं और निर्णय सार्वजनिक जरूरतों के केंद्र में रहेंगे।
बिहार की जनता का समर्थन
नीतीश कुमार ने कहा है कि जनता ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, और नई सरकार को इस भरोसे पर खरा उतरना होगा। उनकी योजना बिहार को विकसित राज्यों की सूची में शामिल करने की है, जिसमें सभी योजना एवं आदेश प्रभावी रहेंगे।
गुरुवार को होने वाली शपथ ग्रहण के बारे में
आज के इस ऐतिहासिक समारोह में एनडीए के सहयोगी दलों के नेताओं के समक्ष नीतीश कुमार शपथ लेंगे। समारोह में भाजपा के लगभग 16 और जदयू के 14 मंत्री शामिल होंगे। चर्चा है कि नए चेहरों को भी सामिल किया जा सकता है, जिससे शासन में नई ऊर्जा आएगी।
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