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नीतीश कुमार की 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने की तैयारी
पटना। नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद पर 10वीं बार शपथ लेने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बुधवार को, उन्हें पहले जदयू विधायक दल का नेता चुना जाएगा। इसके बाद, भाजपा विधायक दल की बैठक में राजग विधायक दल का नेता तय किया जाएगा। इसी बीच, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ तीन घंटे तक मंत्रालयों के बंटवारे पर चर्चा की है।
विधानसभा अध्यक्ष का गठन
विधानसभा अध्यक्ष का पद पहले की तरह भाजपा के पास रहेगा। इस पद के लिए वरिष्ठ भाजपा विधायक प्रेम कुमार के नाम पर चर्चा चल रही है। नीतीश को विधायक दल का नेता चुने जाने के लिए होने वाली बैठक में गृह मंत्री अमित शाह भी शिरकत करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह गुरुवार को दोपहर में गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। इस समारोह में प्रधानमंत्री मोदी और राजग के सभी सहयोगी दलों के प्रमुख नेता, राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्री सहित अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ
बिहार में नई राजनीतिक स्थिति के बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों का जायजा लिया। यह समारोह 20 नवंबर को होना है, और इसे अत्यंत राजनीतिक महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि नीतीश कुमार फिर से सत्ता का नेतृत्व संभालने जा रहे हैं। समारोह के भव्य आयोजन की तैयारी चल रही है, जिसमें मंच निर्माण, वीवीआईपी बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन का समावेश है।
मंत्रिमंडल में संतुलित भागीदारी
जदयू के सूत्रों के अनुसार, नई सरकार में भाजपा और जदयू को समान भागीदारी मिलेगी। दोनों दलों को संभावित रूप से 14-14 सीटें मिलेंगी, जबकि लोजपा को तीन, और एलजेपीआर व आरएलएम को एक-एक सीट प्राप्त हो सकती है। सरकार में पहले की तरह भाजपा के दो डिप्टी सीएम रहेंगे, और महिलाओं को मंत्रिमंडल में ऐतिहासिक भागीदारी दी जाएगी।
केंद्रीय पर्यवेक्षक की नियुक्ति
भाजपा संसदीय बोर्ड ने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए यूपी सरकार के डिप्टी सीएम केशव मौर्य को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति को सह पर्यवेक्षक के रूप में कार्यभार सौंपा गया है।
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