Table of Contents
भारत की शर्मनाक हार: दक्षिण अफ्रीका ने 408 रनों से हराया
गुवाहाटी: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया दूसरा टेस्ट मैच भारत के लिए अत्यंत निराशाजनक रहा। दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से हराकर एक महत्वपूर्ण जीत हासिल की। यह भारत की घरेलू सरजमीं पर सबसे बड़ी हार मानी जाती है। इस हार के बाद स्टेडियम में उपस्थित कुछ दर्शकों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने हेड कोच गौतम गंभीर के खिलाफ नारे लगाए।
मैदान पर स्थिति तनावपूर्ण हुई
पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान, एक स्टैंड से दर्शकों ने ‘गंभीर हाय हाय’ और “गंभीर गो बैक” जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए। लगातार दो टेस्ट हारने और सीरीज में क्लीन स्वीप होने के कारण फैंस का गुस्सा चरम पर था। गौतम गंभीर ने जब इन नारों की ओर देखा, तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और चुपचाप आगे बढ़ गए। लेकिन नारे बंद नहीं हुए। इसी बीच भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने हस्तक्षेप किया।
सिराज ने दर्शकों को दी चेतावनी
सिराज सबसे पहले आगे आए और हाथ के इशारे से दर्शकों से चुप रहने की अपील की। जब नारों का सिलसिला जारी रहा, तो उन्होंने सहायक कोच सितांशु कोटक के साथ बाउंड्री के पास जाकर उन दर्शकों को फटकार लगाई। कोटक ने गुस्से में कहा, ‘एक आदमी भारत के लिए इतना बोलता है, और आप लोग हाय-हाय कर रहे हो?’ सिराज की नाराजगी स्पष्ट थी, उन्होंने दर्शकों की ओर इशारा करते हुए शांत रहने को कहा। वीडियो में भी यह स्पष्ट देखा जा सकता है कि सिराज अपनी टीम के कोच के लिए कितने सुरक्षात्मक थे।
पुलिस की कार्रवाई आवश्यक पड़ी
मामला बढ़ता देख, बीसीसीआई के टीम मैनेजर ने स्थिति की गंभीरता को समझा। स्टेडियम में तैनात पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नारे लगाने वाले एक शख्स को स्टैंड से बाहर निकालकर हिरासत में ले लिया। इसके बाद माहौल शांत हुआ।
फैंस का गुस्सा क्यों है?
यह हार एक साधारण मैच की नहीं है। भारत ने पिछले सात घरेलू टेस्ट में से पांच हार चुके हैं, जो कि 66 साल में पहली बार हो रहा है। पिछले वर्ष न्यूजीलैंड ने भी भारत को घर में क्लीन स्वीप किया था। गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत को लगातार दो घरेलू सीरीज़ में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है, जिस कारण फैंस का धैर्य जवाब दे रहा है और गंभीर पर सवाल उठ रहे हैं।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!
