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लोहरदगा में रेलवे हादसे से शोक की लहर
लोहरदगा : कैरो थाना क्षेत्र के नगजुआ गांव में बुधवार को एक भयावह हादसा हुआ, जिसमें रेलवे में एडहॉक सेवा में कार्यरत लाइनमैन और आजसू पार्टी के नेता वासुदेव उरांव (50) की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और परिवारजन गहरे सदमे में हैं। बताया गया है कि वासुदेव उरांव ड्यूटी के दौरान रेलवे ट्रैक के नजदीक कार्यरत थे, तभी तेज रफ्तार मालगाड़ी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
मुआवजा और नौकरी की मांग
वासुदेव उरांव की आकस्मिक मृत्यु के बाद, गांव के लोगों में आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों ने मुआवजे और मृतक के परिवार के लिए सरकारी नौकरी की मांग करते हुए नगजुआ रेलवे फाटक के पास लोहरदगा-रांची रेल线路 को बाधित कर दिया। इस प्रदर्शन के कारण रेलवे परिचालन में पूरी तरह से बाधा आई।
रेलवे ट्रेनों पर पड़ा असर
रेलवे लाइन जाम होने से लोहरदगा से रांची जाने वाली आरएल-6 मेमू यात्री ट्रेन के साथ-साथ रांची-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और रांची-सासाराम एक्सप्रेस भी प्रभावित हुईं। राजधानी एक्सप्रेस रांची के पिस्का स्टेशन पर खड़ी रही, जबकि सासाराम एक्सप्रेस और मेमू ट्रेन नगजुआ स्टेशन के पास घंटों तक रुकी रहीं। हजारों यात्रियों को नगजुआ और पिस्का स्टेशन पर काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, और बच्चे, बुजुर्ग तथा महिलाएं लंबे समय तक ट्रेनों में फंसी रहीं।
प्रशासन की पहल
सूचना मिलने पर रक्षित पुलिस बल (आरपीएफ) की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत करने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीण मृतक के परिजनों के लिए रेलवे में नौकरी, उचित मुआवजे और हादसे के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रशासन और आरपीएफ की समझाइश के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
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