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कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन पर शांति का संदेश
बंगलूरू। कर्नाटक में चल रही नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एकजुटता का संकेत दिया है। करीब एक घंटे तक चले नाश्ते के बाद दोनों नेताओं ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस पार्टी एकजुट है और पार्टी आलाकमान की किसी भी निर्णय का पालन करेंगे।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बयान
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, “कल से कोई असमंजस नहीं रहेगा। अभी भी कोई भ्रम नहीं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स ने गलतफहमियों को जन्म दिया है। हमने निर्णय लिया है कि पार्टी आलाकमान जो भी निर्देश देगा, हम उसका अनुसरण करेंगे।” उन्होंने 2028 के विधानसभा चुनाव को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि निकाय चुनाव भी महत्व रखते हैं। सिद्धारमैया ने विपक्षी दलों भाजपा और जेडीएस पर आरोप लगाया कि वे फर्जी अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा और जेडीएस ने कहा है कि वे अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे। उनके पास केवल 60 विधायक हैं, जबकि हमारे पास 140 हैं। यह उनकी एक बेकार की कोशिश है।”
डीके शिवकुमार की प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, “राज्य की जनता हमारा पूरा समर्थन कर रही है। हम अपने वादों को पूरा करने में लगे हैं। पार्टी में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है और हम एकजुट होकर कार्य कर रहे हैं। जहां तक नेतृत्व का सवाल है, हम अपने पार्टी आलाकमान का मान रखते हैं। हम जानते हैं कि पार्टी मुश्किल समय से गुजर रही है, लेकिन कर्नाटक 2028 में फिर से सरकार बनाएगा।”
नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा का कारण
2023 के विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद से सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ गई थी। स्थिति यह बनी कि पार्टी आलाकमान ने दोनों नेताओं को दिल्ली बुलाया। वहां, समझौते के बाद यह तय हुआ कि सिद्धारमैया कर्नाटक सरकार का नेतृत्व करेंगे और शिवकुमार उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य करेंगे। हालांकि, मीडिया में यह चर्चा भी हुई कि दोनों नेताओं के बीच सीएम पद साझा करने का समझौता हुआ था, जिसे न तो सिद्धारमैया और न ही शिवकुमार ने माना। अब, जब सिद्धारमैया नवंबर में सीएम पद के दो साल का कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं, नई नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं फिर से तेज हो गई हैं।
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