Table of Contents
गुवाहटी टेस्ट में भारत को मिली हार, सीरीज में साउथ अफ्रीका ने 2-0 से जीती
गुवाहटी: भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला समाप्त हो गई है, जिसमें भारत ने 2-0 से हार का सामना किया। कोलकाता टेस्ट के बाद गुवाहटी टेस्ट में भी भारतीय टीम को निराशाजनक परिणाम का सामना करना पड़ा। यह हार टेस्ट प्रारूप में भारत की अब तक की सबसे बड़ी हार मानी जा रही है, जो टीम के प्रदर्शन पर सवाल उठाती है।
गौतम गंभीर की कोचिंग पर उठे सवाल
भारत की प्रदर्शन में आई गिरावट के कारण मुख्य कोच गौतम गंभीर की संचालन शैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय टीम की टेस्ट फॉर्मेट में निरंतरता की कमी और घरेलू मैदान पर खराब प्रदर्शन, गंभीर की कोचिंग में महत्वपूर्ण कमियों को दर्शाता है।
विजय प्रतिशत में आई कमी
2024 में हेड कोच बनने के बाद से गंभीर की देखरेख में नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टीम को 3-0 से हार का सामना करना पड़ा था। अब साउथ अफ्रीका ने भी भारत को 2-0 से हराकर स्थिति को और खराब किया है। गंभीर की कोचिंग में भारत को कुल मिलाकर 5 टेस्ट मैचों में हार का सामना करना पड़ा है, जिससे टीम का जीत प्रतिशत केवल 44% रह गया है।
गौतम गंभीर का मीडिया से संवाद
गुवाहटी टेस्ट में मिली हार के बाद गंभीर ने मीडिया से बात की। जब उनसे कोच पद से इस्तीफे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह बीसीसीआई का निर्णय है। उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी कहा था कि भारतीय क्रिकेट सबसे महत्वपूर्ण है, मैं नहीं।
गंभीर का आत्मविश्वास
गंभीर ने कहा, “लोग जल्द ही भूल जाएंगे कि मैं इंग्लैंड में युवा टीम के साथ अच्छे परिणामों के लिए जिम्मेदार था। मैं वही हूँ, जिसकी कोचिंग में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी और एशिया कप जीते थे। हमारे पास कम अनुभवी खिलाड़ी हैं, और उन्हें सीखते रहना होगा।
टीम स्पोर्ट का महत्व
गंभीर ने बताया कि टीम के प्रदर्शन की जिम्मेदारी सभी सदस्यों पर है। उन्होंने कहा, “हम जीतते हैं और हारते हैं, और इसका दोष मुझसे शुरू होता है। टीम स्पोर्ट का यही मतलब है।”
गंभीर ने बहाने बनाने से किया इंकार
गंभीर ने कहा कि न्यूजीलैंड के खिलाफ उनकी टीम पूरी तरह अलग थी और इस समय की टीम का अनुभव काफी कम है। उन्होंने कहा, “मैं बहाने नहीं बनाऊंगा, और मैं पहले भी ऐसा नहीं करता रहा हूँ। लेकिन कई बल्लेबाजों के पास अनुभव की कमी है, जो समय के साथ विकसित होंगे।
Have any thoughts?
Share your reaction or leave a quick response — we’d love to hear what you think!
