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रांची जेल में कक्षपाल की बर्खास्तगी
रांची: गृह एवं कारा विभाग ने रांची के होटवार जेल में तैनात कक्षपाल राहुल कश्यप को बर्खास्त कर दिया है। जांच में कई गंभीर सच्चाइयां सामने आईं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
जेल प्रशासन की कार्रवाई
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार, होटवार जेल में काम कर रहे कक्षपाल राहुल कश्यप को सेवा से बर्खास्त करते हुए प्रशासन ने निर्देश दिया है कि उन्हें कोई भी भुगतान विभाग से नहीं दिया जाएगा। यह आदेश जेल आईजी सुदर्शन मंडल द्वारा जारी किया गया है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि राहुल ने अपने सजायाफ्ता होने की जानकारी छुपा कर उच्च कक्षपाल की नौकरी प्राप्त की थी। इस मामले की तफ्तीश के लिए एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था, जिसने अपनी रिपोर्ट में राहुल को दोषी पाया और बर्खास्तगी की सिफारिश की। इसके बाद विभाग ने उन्हें कारा हस्तक नियम 2025 के तहत बर्खास्त कर दिया।
राहुल कश्यप का आपराधिक इतिहास
जांच समिति की रिपोर्ट में बताया गया है कि राहुल कश्यप के खिलाफ 26 सितंबर 2010 को दुष्कर्म समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में उन्हें दस साल की सजा सुनाई गई थी। सजा के तहत 22 अप्रैल 2014 से 28 अप्रैल 2014 तक वह खूंटी उपकारा में बंद थे। इसके बाद उन्हें 29 अप्रैल 2014 को होटवार जेल में स्थानांतरित किया गया। सितंबर 2014 तक वह यहीं रहे, लेकिन 18 सितंबर 2014 को उन्हें हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।
सजायाफ्ता का छुपा हुआ अतीत
जमानत के बाद राहुल ने नौकरी पाने के प्रयास किए और 2017 में कक्षपाल के पद पर बहाली के लिए आवेदन दिया। हालाँकि, उन्होंने अपने आवेदन में सजायाफ्ता होने की जानकारी नहीं दी। इस प्रकार, लंबे समय तक अपनी पहचान छुपाते हुए वह जेल प्रशासन में काम करते रहे, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें आखिरकार बर्खास्त कर दिया गया है।
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