झारखंड में परीक्षा शुल्क में वृद्धि पर भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया
राँची: झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) द्वारा मैट्रिक और इंटरमीडिएट के परीक्षा शुल्क में 35% की वृद्धि को लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा के प्रवक्ता रमाकांत महतो ने कहा है कि हेमंत सोरेन की सरकार हमेशा से ही गरीबों का शोषण करती आई है। इस वृद्धि के माध्यम से सरकार गरीब छात्रों और उनके अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रही है। महतो ने स्पष्ट किया कि यह सरकार गरीबों का मानसिक शोषण करना चाहती है। उन्होंने बताया कि मैट्रिक का परीक्षा शुल्क 940 रुपये से बढ़ाकर 1180 रुपये कर दिया गया है, जबकि इंटरमीडिएट की परीक्षा शुल्क 1220 से बढ़कर 1400 रुपये हो गई है। विलंब शुल्क भी 300 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है, जो झारखंड जैसे पिछड़े राज्य के लिए उचित नहीं है।
सरकार की विकास योजनाओं पर सवाल
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन की सरकार झारखंड के गठन की रजत जयंती के मौके पर करोड़ों रुपये खर्च कर विज्ञापन के माध्यम से झूठे विकास का ढिंढोरा पीट रही है। वे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब छात्रों का शुल्क बढ़ाकर उनका आर्थिक दोहन कर रहे हैं। महतो ने बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति अब बद से बदतर हो चुकी है। बुनियादी सुविधाओं के नाम पर केवल लूट मची हुई है, और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की स्थिति भी बेहद खराब हो गई है। महतो ने सरकार को चेतवानी देते हुए कहा कि यदि वह गरीब छात्रों के हितों को ध्यान में नहीं रखती है और शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार नहीं करती, तो भाजपा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
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