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राष्ट्रीय लोक मोर्चा में बगावत, उपेंद्र कुशवाहा के बेटे की मंत्री बनाने पर उठे सवाल
पटनाः राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में आंतरिक बगावत हुई है। नीतीश कुमार की सरकार में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे को मंत्री बनाए जाने का विरोध तेज हो गया है। बुधवार को पार्टी के दो प्रमुख नेताओं ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। दोनों नेताओं ने उपेंद्र कुशवाहा को भेजे गए अपने इस्तीफे में कहा कि वे पार्टी के निर्णय से असहमत हैं, इसलिए अपने पद से अलविदा लेना उचित समझते हैं।
पार्टी के कई नेता दे चुके इस्तीफा
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ पटेल और प्रदेश प्रवक्ता राहुल कुमार सहित एक दर्जन से अधिक नेताओं ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इन नेताओं ने उपेंद्र कुशवाहा के कार्यों की आलोचना की है। जितेंद्र नाथ पटेल ने पत्र में कहा है कि वे पिछले नौ वर्षों से उपेंद्र कुशवाहा के साथ कार्यरत थे, लेकिन अब पार्टी के कई राजनीतिक और संगठनात्मक निर्णयों से जुड़ नहीं पा रहे हैं।
अवधि में विरोध और विधानसभा चुनाव
यह उल्लेखनीय है कि एनडीए का हिस्सा रहते हुए जितेंद्र नाथ पटेल और राष्ट्रीय लोक मोर्चा की जिला इकाई ने विधानसभा चुनाव में एनडीए समर्थित जदयू के उम्मीदवारों का खुला विरोध किया था। बल्कि, जदयू ने इन दोनों सीटों पर बड़ी अंतर से जीत हासिल की थी।
मंत्री पद की नियुक्ति पर उठे सवाल
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, उपेंद्र कुशवाहा द्वारा बिना चुनाव के अपने बेटे को मंत्री बनाए जाने की वजह से भी इन नेताओं के इस्तीफे को जोड़ा जा रहा है। जितेंद्र नाथ पिछले लगभग एक दशक से उपेंद्र कुशवाहा के करीबी सहयोगी रहे हैं।
इस्तीफे देने वालों की सूची
बुधवार को शेखपुरा में जितेंद्र नाथ पटेल, प्रदेश प्रवक्ता राहुल कुमार, प्रमोद यादव, राजेश रंजन, जिलाध्यक्ष पप्पू राज मंडल, प्रखंड अध्यक्ष गोरेलाल कुशवाहा, अमीर राज मंडल, विद्या सागर और प्रेम गुप्ता सहित अन्य नेताओं ने अपने इस्तीफे दिए।
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