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भारतीय टेस्ट क्रिकेट पर उठे सवाल, हरभजन सिंह की अपील
नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के खिलाफ 0-2 से मिली हार ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट को संकट में डाल दिया है। एक समय भारत को अजेय माना जाता था, लेकिन अब पिछले तीन टेस्ट सीरीज में से दो में टीम को हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने बीसीसीआई से इस मुद्दे पर ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि अत्यधिक स्पिन-फ्रेंडली पिचों के कारण भारतीय बल्लेबाजों ने लंबे टेस्ट मैचों में खेलने की आदत खो दी है।
पिचों की गुणवत्ता पर उठाया सवाल
हरभजन सिंह ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “हमें अब नहीं पता कि पांच दिन तक कैसे मैच खेलना है। हम ऐसे विकेटों पर खेलने के आदी हो गए हैं, जहाँ मैच केवल दो-तीन दिन में समाप्त हो जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप, हमारे प्रमुख बल्लेबाज जैसे विराट कोहली, पुजारा और अजिंक्य रहाणे के बल्लेबाजी औसत पर भी असर पड़ा है।” उन्होंने कहा कि पुराने महान खिलाड़ियों की महानता इस बात में थी कि वे टेस्ट क्रिकेट की चुनौती को समझते थे।
आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर पिचों की जरूरत
पूर्व स्पिनर ने सुझाव दिया कि भारतीय क्रिकेट को अपने अतीत को पीछे छोड़कर आने वाले वर्षों के लिए बेहतर विकेटों पर खेलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा, “भारतीय क्रिकेट की बेहतरी के लिए, हमें पिछले 10 से 12 वर्षों की घटनाओं को भूल जाना चाहिए और अपनी अगली पीढ़ी को सही दिशा में आगे ले जाना चाहिए।” हरभजन ने टेस्ट क्रिकेट में धैर्य और अनुशासन की आवश्यकता पर भी बल दिया।
परीक्षा के लिए अनुशासन और मेहनत
हरभजन ने कहा, “टेस्ट क्रिकेट में खेलने के लिए जिस प्रकार की मानसिकता की आवश्यकता है, उसके लिए मेहनत, प्रयास और अनुशासन की जरूरत होती है। मुझे लगता है कि कई वर्षों से इन मूल्यों की कमी आई है।” उन्होंने यह भी बताया कि अच्छी पिचें ही मैच को अंतिम दिन तक खींचने में मदद करती हैं और असली विजेता का निर्धारण करती हैं। उन्होंने उदाहरण दिया कि हाल के समय में न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका को इस मामले में किस प्रकार की सफलताएं मिली हैं।
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