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धनबाद में कोयला कारोबार को लेकर जेएमएम का पलटवार
रांची: धनबाद में कोयला के अवैध कारोबार के संदर्भ में बाबूलाल मरांडी द्वारा लगाए गए आरोपों के जवाब में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने धनबाद सांसद ढुल्लू महतो और ईडी के रडार पर आए एलबी सिंह के संदर्भ में बाबूलाल मरांडी पर निशाना साधा है। जेएमएम ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें ढुल्लू महतो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में एलबी सिंह बाबूलाल मरांडी के साथ हैं।
ढुल्लू महतो पर सीधा हमला
जेएमएम ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा है कि “ढुल्लू महतो, क्या आपने नाम सुना है? यदि आपमें हिम्मत है, तो एक बार चुनौती दीजिए। झारखंड के नागरिक जानते हैं कि आप ऐसा नहीं कर पाएंगे, क्योंकि पूरे देश को आपके प्रिय सांसद और उनके प्रभाव का ज्ञान है।” आगे कहा गया कि यदि इस मुद्दे पर ध्यान दिया गया, तो बाबूलाल मरांडी की राजनीति दोनों दिल्ली से खत्म हो जाएगी।
बाबूलाल मरांडी के आरोपों का प्रभाव
जेएमएम ने बाबूलाल मरांडी के आरोपों का अनुसरण करते हुए कहा है कि जब से राज्य सरकार ने उनके करीबी सहयोगियों के काले धंधों पर अंकुश लगाना शुरू किया है, तब से वे प्रेस के सामने बेतुकी बातें कर रहे हैं। वहीं, यदि बाबूलाल मरांडी में थोड़ी भी शर्म होती, तो वे अपने पद से इस्तीफा दे देते।
एलबी सिंह की भूमिका पर सवाल
बाबूलाल मरांडी के करीबी सहयोगी एलबी सिंह पर भी सवाल उठाए गए हैं। जेएमएम ने कहा है कि इन दोनों के बीच के रिश्ते सभी के सामने हैं और चुनावों में उनके बीच आदान-प्रदान का प्रमाण जल्द ही जनता के सामने आ जाएगा।
इस सबके बीच, नशीली कफ सिरप रैकेट में एबॉट कंपनी के अधिकारियों की मिलीभगत, धनबाद की देवकृपा मेडिकल एजेंसी में चल रही जांच, और अमित सिंह ‘टाटा’ के कबूलनामे ने इस विवाद को और बढ़ा दिया है।
जेएमएम ने तय किया है कि बाबूलाल मरांडी के दावों पर हमेशा नकेल कसते रहेंगे ताकि उनकी राजनीति पर खतरा न आए। जेएमएम का कहना है कि जैसे ही राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर कार्रवाई शुरू की, बाबूलाल मरांडी ने सबूत मिटाने की साज़िशें शुरू कर दीं।
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