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सरयू राय की सरकार की दूसरी पाली पर तीखी प्रतिक्रिया
जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार की दूसरी पाली की पहली वर्षगांठ के अवसर पर सरकार की उपलब्धियों पर प्रश्न उठाए हैं। राय का कहना है कि सरकार अपनी उपलब्धियों का लेखा-जोखा देने से अधिक नहीं कर रही है, जबकि असलियत यह है कि ये योजनाएं ज़मीन पर बेम意义 साबित हो रही हैं।
क्षेत्र में शून्यता की स्थिति
राय ने अपने बयान में विशेष रूप से ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम का जिक्र किया, जिसमें नागरिकों के समस्याओं के समाधान की बात की गई है। उनका कहना है कि वास्तविकता यह है कि राज्य स्तरीय प्रशासन के सभी स्तरों पर सेवा का अधिकार अधिनियम पूरी तरह दम तोड़ चुका है। अधिकारी इस अधिनियम के तहत नागरिकों के हक़ों को नज़रअंदाज कर रहे हैं, जिससे लोगों को जरूरत के समय मदद नहीं मिल रही है।
सरकारी धन का बेजा इस्तेमाल
सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर जैसे शहरों में करोड़ों रुपये की सरकारी निधि का सही इस्तेमाल नहीं हुआ है। उदाहरण के तौर पर, कदमा में एक कन्वेंशन सेंटर और साकची में एक DM लाइब्रेरी जैसे भवन वर्षों पहले बनाए गए थे, लेकिन आज ये जर्जर होते जा रहे हैं। उनकी मरम्मत न होने के कारण उन्हें कोई उपयोग नहीं मिल रहा है।
अन्य नगर निगमों की स्थिति
उन्होंने आरोप लगाया कि 15वें वित्त आयोग द्वारा दिए गए धन का भी सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। जमशेदपुर के आसपास की नगरपालिकाएं, जैसे जेएनएसी, मानगो नगर निगम, और आदित्यपुर नगर निगम, इस धन का क्या कर रहे हैं, यह सवाल स्थानिय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
सरयू राय ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि सरकार इन मुद्दों पर ध्यान नहीं देती है, तो वर्तमान योजनाओं का भी वही हाल होगा। इससे सरकारी धन का बेजा इस्तेमाल होता रहेगा और योजनाओं की वास्तविकता केवल कागज़ों तक ही सीमित रह जाएगी।
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