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झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई
डेस्क: झारखंड में भ्रष्टाचार पर मुक़ाबला करते हुए विजिलेंस टीम ने एक राजस्व कर्मचारी को रंगे हाथों धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया है। गोपालपुर में 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय दिलीप कुमार सिन्हा को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में शामिल टीम का नेतृत्व डीएसपी श्याम बाबू कर रहे थे।
शिकायत की पृष्ठभूमि
हसनपुरा निवासी श्रेषराज सिंह ने 10 नवंबर को विजिलेंस में लिखित शिकायत दायर की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दिलीप कुमार सिन्हा ने उनसे परिमार्जन के नाम पर 65 हजार रुपये की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से मना किया, तब दिलीप ने उनके आवेदन को दो बार रद्द कर दिया और फिर अलग-अलग चरणों में पैसे मांगने का प्रस्ताव रखा। पहले चरण में 15 हजार रुपये की मांग की गई थी।
जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस टीम ने गुप्त रूप से जांच प्रारंभ की। जांच में शिकायत को सत्य पाया गया, जिसके बाद 26 नवंबर को दिलीप के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। शुक्रवार को निर्धारित योजना के अनुसार, टीम गोपालपुर स्थित दिलीप के कार्यालय पहुँची और वहां वे शिकायतकर्ता से 15 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। साथ ही, वहां मौजूद धनंजय नामक एक निजी ऑपरेटर को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
पूछताछ का कार्य जारी
डीएसपी श्याम बाबू के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दिलीप और धनंजय दोनों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच के बाद, दिलीप को पटना विजिलेंस कार्यालय ले जाया जाएगा। यदि धनंजय की संलिप्तता साबित होती है, तो उसे भी विधि-सम्मत कार्रवाई के तहत पटना ले जाकर आवश्यक कार्रवाई के बाद जेल भेजा जाएगा।
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