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रांची: पूर्व प्रिंसिपल को सुप्रीम कोर्ट से झटका
रांची: राजधानी रांची के डीएवी कपिलदेव स्कूल के पूर्व प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा को सुप्रीम कोर्ट से एक गंभीर झटका लगा है। स्कूल की नर्स के खिलाफ छेड़खानी और यौन उत्पीड़न के आरोपों में कोर्ट ने उनकी विशेष अनुमति याचिका को अस्वीकृत कर दिया है। इसके साथ ही, न्यायालय ने उन्हें अगले एक सप्ताह के अंदर निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का आदेश भी दिया है।
यौन उत्पीड़न के आरोप
मई 2022 में, अरगोड़ा थाना क्षेत्र की एक नर्स ने मनोज कुमार सिन्हा के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी और वे जेल में रहे। हालांकि, 21 नवंबर 2022 को झारखंड हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। लेकिन, 20 जून 2025 को पीड़िता के द्वारा जमानत रद्द करने की याचिका पर सुनवाई के बाद, उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत वापस ले ली। इस आदेश के खिलाफ सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
आरोपों की गंभीरता
पीड़िता ने आरोप लगाया कि मनोज कुमार सिन्हा ने उसे वाट्सएप पर अश्लील वीडियो भेजे और उससे इन वीडियो को देखने के लिए कहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने उनकी सहमति के बिना शारीरिक संपर्क किया और गेस्ट हाउस के अंदर अश्लील हरकतें की। इसके अतिरिक्त, पीड़िता ने ये भी बताया कि सिन्हा ने उसे लगातार यौन संबंध बनाने के लिए मानसिक दबाव डाला और उसके खिलाफ भद्दी बातें कीं।
पार्श्वभूमि में अन्य मामले
मनोज कुमार सिन्हा पर रामगढ़ में भी यौन उत्पीड़न के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें रांची स्थानांतरित किया गया था। इस प्रकार के गंभीर आरोपों के चलते उन्हें न्यायालय में लंबे कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ रहा है।
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