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मनोज बाजपेयी की कैंची धाम यात्रा: एक नए अध्याय का आरंभ
देहरादून: उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में स्थित कैंची धाम एक प्रसिद्ध सिद्धपीठ है, जिसे देश-विदेश में श्रद्धालुओं द्वारा पूजनीय माना जाता है। यहां हनुमान जी के परम भक्त नीम करोली बाबा का आश्रम है, जिसे लोग अपनी किस्मत को बदलने के लिए आते हैं।
बाजपेयी का करियर संकट में
हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी ने इस धाम की यात्रा की, जहां उन्होंने अपने जीवन के कठिनतम समय का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि काम की कमी और मानसिक तनाव के चलते वे फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने का विचार कर चुके थे। लगभग एक साल तक बिना काम के रहने के बाद, वे गहरे संकट में थे।
निर्देशक से मिली प्रेरणा
मनोज ने साझा किया कि इसी कठिनाई के बीच उन्हें निर्देशक राम रेड्डी से मिलने का अवसर मिला, जिन्होंने उन्हें शूटिंग लोकेशन पर जाने का कहा। लेकिन असली मोड़ तब आया जब उन्होंने अचानक कैंची धाम और बाबा की गुफा की ओर रुख किया।
ध्यान में मिली मानसिक शांति
प्रकृति की गोद में एक घंटे की चढ़ाई के बाद, जब मनोज गुफा पहुंचे और ध्यान लगाया, तो उन्हें गहरे उत्तर मिले। ध्यान के बाद उनकी उलझन पूरी तरह से समाप्त हो गई। उन्होंने कहा कि ऐसा अनुभव किया, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। राम रेड्डी के साथ लौटते समय, दोनों ने एक-दूसरे को देखकर कहा कि वे अपनी नई फिल्म की खोज कर चुके हैं।
कैंची धाम का दिव्य आकर्षण
भक्तों का मानना है कि कैंची धाम में पहुंचना तब संभव है जब बाबा का निमंत्रण हो। कई लोग बिना योजना के यहां पहुंच जाते हैं, जबकि कुछ लोग लाख कोशिशों के बावजूद नहीं पहुंच पाते। श्रद्धालुओं के अनुसार, बाबा आज भी आध्यात्मिक रूप में उपस्थित हैं और सच्चे श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
हनुमान चालीसा का महत्व
नीम करोली बाबा, जो हनुमान जी के महान भक्त थे, ने पूरे देश में 108 हनुमान मंदिरों का निर्माण किया और वर्षों की साधना से कई सिद्धियों को प्राप्त किया। उनके भक्तों का कहना है कि बाबा एक साथ दो स्थानों पर भी दिखाई देते थे। बाबा का मानना था कि नियमित हनुमान चालीसा पाठ करने से व्यक्ति अपनी वास्तविक शक्ति पहचान सकता है और आत्मिक शांति पा सकता है। कैंची धाम की ऊर्जा और बाबा का आशीर्वाद, मनोज बाजपेयी के जीवन में भी एक नई दिशा लेकर आया है।
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