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रामगढ़ में कुख्यात चोर गिरफ्तार, चोरी का बड़ा नेटवर्क उजागर
रामगढ़: झारखंड और बिहार में चोरी की घटनाओं से आतंक फैलाने वाले notorious चोर हरिरा उर्फ़ अरमान खान, दानिश उर्फ़ राजू सहित उसके चार साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। केवल झारखंड में उसकी गतिविधियों के खिलाफ लगभग 35 मामले दर्ज हैं। रामगढ़ के एसपी अजय कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता करते हुए इस मामले की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने गैंग के पास से महिंद्रा XUV-500, मारुति स्विफ्ट, दो बाइक, सोने-चांदी के आभूषण, तीन लैपटॉप, एक एलईडी टीवी, पिघली चांदी के बिस्किट और अन्य सामान बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह गैंग लाखों रुपये की चोरी कर ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहा था।
चोरी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़
एसपी ने बताया कि 18 मई 2025 को कुजू ओपी क्षेत्र में हुई जेवरात की चोरी के मामले में पहले से छह लोग पकड़े जा चुके थे, जबकि पांच आरोपी अभी भी फरार थे। इन फरार चोरों ने चोरी किए गए जेवरात को हजारीबाग में बेचने की योजना बनाई थी। पुलिस को इसकी सूचना मिली, जिसके बाद हरिरा को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार की और उसकी निशानदेही पर रांची, रामगढ़ और हजारीबाग में छापेमारी की गई। इस दौरान कई पुराने चोरी के मामले भी उजागर हुए और चोरी की गई गाड़ियों एवं अन्य सामान को बरामद किया गया।
बंद घरों को बनाते थे प्राथमिक निशाना
पुलिस की जानकारी के अनुसार, यह गैंग पिछले कई महीनों से रामगढ़ और हजारीबाग में सक्रिय था। कुजू, वेस्ट बोकारो, और बरकाकाना जैसे स्थानों पर बंद घरों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। कई जिलों की पुलिस इस गैंग की तलाश में लगी हुई थी।
बिहार चुनाव से कमाए लाखों
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में हरिरा ने ऐसे खुलासे किए जो पुलिस के लिए चौंकाने वाले थे। उसने बताया कि हाल ही में संपन्न हुए बिहार चुनाव के दौरान उसने मात्र 10 दिनों में करीब 10 लाख रुपये की चोरी की। वह विभिन्न राजनीतिक दलों की रैलियों में जाकर भीड़ में घुसकर मोबाइल और नकदी चुरा लेता था। उसने प्रशांत किशोर की जन स्वराज पार्टी, चिराग पासवान की रैलियों और भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव की सभा में सबसे ज्यादा समय बिताया। एक विधायक पुत्र का एप्पल फोन भी उसने चुराया था, जिसे बाद में पुलिस ने बरामद किया।
पश्चिम बंगाल चुनाव योजना पर पानी
पुलिस पूछताछ में हरिरा ने यह भी बताया कि रामगढ़ में चोरी किए गए जेवरात को बेच कर वह पश्चिम बंगाल चुनाव को अपना अगला निशाना बनाने वाला था। उसने वहाँ लगभग तीन दर्जन लोगों का एक गिरोह तैयार कर लिया था, जो चुनावी रैलियों में जेब काटने का काम करता था। लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने उसकी योजना को विफल कर दिया।
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