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गुमला जिले में मासिक अपराध समीक्षा बैठक
गुमला: जिला पुलिस अधीक्षक हारिस बिन जमां की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रशिक्षु बिहार पुलिस सेवा, गुमला के पुलिस उपाधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक, तथा सभी थाना प्रभारी और शाखा प्रभारी शामिल रहे।
क्रिसमस और नव वर्ष की तैयारी
बैठक में चर्चा की गई कि क्रिसमस पर्व एवं नव वर्ष-2026 के अवसर पर गुमला जिले में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इस अवसर पर थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने थाना अंतर्गत पर्यटन स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी और गश्ती करें।
समीक्षा बिंदुओं पर चर्चा
बैठक के दौरान निम्नलिखित मुद्दों पर समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए:
- मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी की रोकथाम।
- लंबित वारंट और कुर्की का निष्पादन।
- हत्या, बलात्कार, POCSO, SC-ST, लूट, डकैती, गृहभेदन और अपहरण के मामलों की समीक्षा।
- अवैध उत्खनन और बालू तस्करी के खिलाफ कार्रवाई।
- सूचना अधिकार अधिनियम के तहत लंबित आवेदन पत्रों का त्वरित निष्पादन।
- पारपत्र और चरित्र सत्यापन संबंधी पत्रों का समय पर निष्पादन।
- i-RAD, ERS और डायल 112 से संबंधित कार्रवाई।
- e-Sakshya, Sudarshna, Gandiva और Pratibimb ऐप्स की संबंधित जानकारी।
- सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता।
- डायन प्रथा, मानव तस्करी, पलायन और महिलाओं से संबंधित अपराधों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान।
थाना प्रभारी की जिम्मेदारियाँ
सभी थाना प्रभारी को लंबित वारंट और कुर्की के निष्पादन की समीक्षा की गई, और इसके शत-प्रतिशत निष्पादन के लिए निर्देशित किया गया। अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों की त्वरित एफआईआर दर्ज करने और अनुसंधान करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए।
व्यवहार और प्रदर्शन की समीक्षा
लूट, डकैती और SC-ST से संबंधित मामलों की समीक्षा की गई और रोकथाम के लिए निर्देश दिए गए। थाना में आने वाले नागरिकों के साथ अच्छे व्यवहार रखते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करने तथा समाधान नहीं होने पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए। जिन थाना प्रभारी का प्रदर्शन औसत से कम रहा, उन्हें चेतावनी दी गई और अच्छे प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कृत किया गया।
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