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नंबर-3 पर प्रयोग
टीम प्रबंधन ने सीरीज से पहले करुण नायर और साई सुदर्शन को नंबर-3 की पोजीशन के लिए आजमाया था। उम्मीद थी कि इनमें से कोई एक इस भूमिका को स्थायी रूप से हासिल करेगा। लेकिन पहले टेस्ट का आरंभ होते ही सभी चौंक गए। नंबर-3 पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी वॉशिंगटन सुंदर को दी गई, जो मूलतः एक स्पिन गेंदबाज हैं। साई सुदर्शन हालांकि स्क्वॉड में थे, लेकिन उन्हें प्लेइंग-XI में जगह नहीं मिली। दूसरे टेस्ट में गुवाहाटी में एक नया मोड़ आया, जहां साई सुदर्शन को अंततः मौका मिला और वे नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरे।
डोडा गणेश की आलोचना
पूर्व तेज गेंदबाज डोडा गणेश ने सोशल मीडिया पर इस चयन पद्धति पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गौतम गंभीर और पूरी टीम प्रबंधन को घेरते हुए कहा कि भारतीय टीम इस वक्त “अब तक की सबसे कंफ्यूज टीम” नजर आ रही है।
मैदान पर प्रदर्शन की दिक्कत
चयन के साथ-साथ बल्लेबाजी भी गंभीर समस्या से जूझ रही है। दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 489 रन बना डाले। इसके जवाब में भारत महज 201 रन पर समेट दिया गया, और एक समय टीम ने 122 रन पर 7 विकेट खो दिए थे। हालांकि, वॉशिंगटन सुंदर (92 गेंदों में 48 रन) और कुलदीप यादव (134 गेंदों में 19 रन) ने आठवें विकेट के लिए 72 रनों की साझेदारी करके कुछ इज्जत बचाई। यदि ये दोनों न लड़ते, तो हार का सामना कहीं अधिक शर्मनाक होता।
मार्को जैंसन का दबदबा
सुंदर के आउट होते ही दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों ने बाकी विकेट जल्द ही चटकाए। मार्को जैंसन ने 6/48 और साइमन हार्मर ने 3/64 का प्रदर्शन करते हुए भारतीय बल्लेबाजी की धज्जियां उड़ा दीं। इस प्रकार, भारतीय टीम ने पहली पारी में 288 रनों का भारी नुकसान झेला।
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