बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, पटना समेत कई जिलों में अवैध बालू के खिलाफ एक व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा सहयोग के साथ इस अभियान में करोड़ों रुपये की अवैध बालू जब्त की गई। हाल ही में मिली जानकारी के अनुसार, चुनाव के दौरान माफियाओं ने कई स्थानों से जब्त बालू चुराकर उसे बेच दिया है। ये बालू अनधिकृत रूप से भंडारित की गई थी और इसकी कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है।
भंडारित बालू के जमीन मालिकों को चिह्नित किया जाएगा
अवैध बालू के भंडारण के बाद, माफियाओं को चिह्नित करने के लिए कार्यवाही शुरू की गई है। इसके अंतर्गत, बालू के भंडारण के जमीन मालिकों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। पहले कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन चुनाव की व्यस्तता के चलते यह प्रक्रिया धीमी रही। अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस दिशा में कार्यवाही फिर से तेज होगी, जिससे माफिया के साथ-साथ दोषी पुलिसकर्मियों पर भी प्रभाव डाला जा सकेगा।
बालू की मापी कर मांगी गयी रिपोर्ट
खनन एवं भूतत्व विभाग ने जिला खनन पदाधिकारियों को अवैध रूप से जब्त की गई बालू की मापी करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में खान निरीक्षकों की एक टीम का गठन किया जाएगा। जानकारी मिली है कि पटना, भोजपुर, सारण, और जमुई जैसे इलाकों में जब्त बालू की माप में कमी पाई गई है। विभाग ने दोषियों को पहचान कर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू करने की योजना बनाई है।
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