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स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ प्राथमिकी की मांग
रांची: ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की अपील की है। पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने सोमवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया कि मंत्री ने जामताड़ा उपायुक्त के सामने देश की संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग के बीएलओ को रोकने के लिए जनता को भड़काया और उकसाया है।
मंत्री को बर्खास्त करने की मांग
प्रभाकर ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि मंत्री को तुरंत पद से हटा दिया जाए। उन्होंने यह प्रश्न उठाया कि मंत्री को मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से किस बात का डर है। उनका कहना है कि यदि कोई मंत्री स्वयं भ्रम फैलाए और चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के खिलाफ लोगों को भड़काए, तो उसे अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। यह आचरण अपराध की श्रेणी में आता है।
एसआईआर प्रक्रिया का महत्व
आजसू नेता ने यह भी कहा कि संविधान की बात करने वाली कांग्रेस ने बिहार में भी एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की थी, लेकिन जनता ने सही संदेश दिया। उन्होंने बताया कि बिहार में एसआईआर प्रक्रिया पर किसी मतदाता ने कोई आपत्ति नहीं दर्ज की थी। दरअसल, चुनाव आयोग का एसआईआर अभियान मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के लिए चलाया जाता है, जो घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य करता है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को साफ, अद्यतन और धोखाधड़ी मुक्त बनाना है।
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