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मार्को यानसन की कमाल की गेंदबाजी से भारतीय टीम हुई कमजोर
नई दिल्ली: गुवाहाटी टेस्ट में तेज गेंदबाज मार्को यानसन ने अपनी गेंदबाजी से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया। तीसरे दिन, यानसन ने सिर्फ 48 रन देकर 6 विकेट लेकर भारत की पहली पारी को 201 रनों पर समेट दिया। इसके साथ ही, उन्होंने एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड अपने नाम किया। दक्षिण अफ्रीका को इस पारी में 288 रनों की स्पष्ट बढ़त मिली।
बाउंसर से की भारतीय बल्लेबाजों का सामना
भारतीय पिचों पर आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों का दबदबा होता है, लेकिन गुवाहाटी में यानसन ने अपनी गेंदबाजी से एक अलग ही कहानी बुन दी। 6 फीट 8 इंच लंबे इस खिलाड़ी ने अपनी बाउंसर्स के जरिए भारतीय बल्लेबाजों को पूरी तरह से दबा दिया। यानसन ने ध्रुव जुरेल, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, कुलदीप यादव, और जसप्रीत बुमराह के विकेट चटकाए। उनके 6 में से 5 विकेट तो बाउंसर्स पर ही आए।
उल्लेखनीय उपलब्धियाँ
मार्को यानसन ने भारत के खिलाफ 6 विकेट लेकर अपने टेस्ट करियर में चौथी बार फाइव विकेट हॉल हासिल किया। यह उनकी भारत में पहली पारी में पांच विकेट लेने वाली उपलब्धि है, जो उनके लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। यानसन पहले दक्षिण अफ्रीकी लेफ्ट आर्म गेंदबाज बन गए हैं, जिन्होंने भारतीय जमीन पर 50 से अधिक रनों का स्कोर बनाने के साथ-साथ फाइव विकेट हॉल भी हासिल किया। यह उपलब्धि पाने वाले दुनिया में अब तक केवल तीन खिलाड़ी रहे हैं, जिनमें से अंतिम उदाहरण इंग्लैंड के जॉन लीवर का था, जो 1976 में ऐसा कर चुके हैं।
विशेष रिकॉर्ड और प्रगति
25 सालों बाद किसी दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने भारत में इस तरह का प्रदर्शन किया है, जहां उन्होंने पांच विकेट के साथ-साथ 50 रन बनाने की उपलब्धि भी हासिल की। मार्को यानसन से पहले यह उपलब्धि 2000 में निकी बोए ने प्राप्त की थी। भारतीय टीम 201 रनों पर सिमट गई, लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने भारतीय टीम को फॉलोऑन नहीं दिया, जो एक नई स्थिति को दर्शाता है। यह पहली बार हुआ है जब किसी टीम ने भारत में भारत के खिलाफ 288 रन की बढ़त हासिल की और उसे फॉलोऑन नहीं दिया।
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