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जामताड़ा में स्वास्थ्य मंत्री का विवादास्पद बयान
जामताड़ा: स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने हाल ही में एसआईआर (स्मार्ट आइडेंटिफिकेशन रजिस्ट्रेशन) को लेकर एक बयान दिया है, जिसने नया विवाद उत्पन्न कर दिया है। उन्होंने बिहार का उदाहरण पेश करते हुए कहा कि वे किसी भी हालात में झारखंड में एसआईआर को लागू नहीं होने देंगे, जो कि राज्य की आदिवासी और मूलवासी जनता के अधिकारों के खिलाफ है। उनका कहना था कि बिहार में एसआईआर का उपयोग कर 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे 80 विधानसभा सीटें प्रभावित हुईं। अब इस प्रक्रिया का अगला चरण बंगाल में होगा, और झारखंड इसकी अगली बारी होगी।
मंत्री का बयान और भाजपा की प्रतिक्रिया
इरफान अंसारी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के लोग वोटर लिस्ट से नाम काटकर, आधार कार्ड और राशन कार्ड से नागरिकता समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई बीएलओ या अधिकारी घर पर एसआईआर करने आए, तो उन्हें बंधक बना लेना चाहिए। यह बातें उन्होंने जामताड़ा के नारायणपुर प्रखंड की बोरवा पंचायत में स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कही।
लोगों से एकजुटता की अपील
मंत्री ने उपस्थित लोगों से कहा कि यदि किसी का नाम वोटर लिस्ट से हटाया जाता है, तो वे तुरंत उनसे संपर्क करें। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा लगातार आदिवासी और मूलवासी समुदायों के नाम हटाने की कोशिश में है। 2003 के दस्तावेज मांगने को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई, यह कहते हुए कि गरीब लोगों के लिए ऐसे दस्तावेज जमा कर पाना संभव नहीं है। यदि दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किए जाते हैं, तो उन्हें घुसपैठिया करार दिया जा सकता है, जिससे उनका नाम वोटर लिस्ट से काटा जा सकता है। उन्होंने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी।
भाजपा का कड़ा विरोध
मंत्री के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। भाजपा जिला अध्यक्ष सुमित शरण ने कहा कि मंत्री संवैधानिक पद पर होते हुए लोगों को भड़काने वाला बयान दे रहे हैं। उन्होंने इस पर चिंता जताई कि यदि कोई जनरल कर्मचारी पर हमला करता है या उन्हें बंधक बना लेता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? शरण ने यह भी कहा कि जब इरफान अंसारी बयान दे रहे थे, तब जिले के उपायुक्त सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद थे, जो उनके भड़काऊ बयान से हैरान थे।
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