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झारखंड में भाजपा के आरोपों पर झामुमो की प्रतिक्रिया
रांची: मंईयां सम्मान योजना, प्रमोशन के मामलों और ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के बारे में भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों पर झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता को भ्रमित करने के लिए झूठी और अधूरी जानकारी का सहारा ले रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा अधिकारियों पर उठाए गए सवालों पर उन्होंने कहा कि भाजपा शासन के दौरान कैडर समीक्षा लम्बित होने और फाइलों में गड़बड़ी की वजह से कई प्रक्रियाएं बाधित रहीं। पांडेय ने ये भी बताया कि हेमंत सरकार ने कई कर्मचारियों को प्रमोशन प्रदान किया है और पेंशन व सेवा लाभों को तेजी से लागू किया है।
भाजपा के ‘स्लीपर सेल’ और पारदर्शी जनसत्ता
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा में कुछ अधिकारी, जो सरकार से वेतन लेकर काम कर रहे हैं, उनकी चिंता की वजह से भाजपा नेता परेशान हैं। पांडेय के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने न केवल पारदर्शी शासन को स्थापित किया है, बल्कि सभी वर्गों के विकास के लिए समान अवसर भी प्रदान किए हैं। झारखंड में भाजपा की हर रणनीति बार-बार असफल साबित हो रही है।
सेवा का अधिकार सप्ताह की पहल
सरकार आपके द्वार कार्यक्रम को लेकर भाजपा के आरोपों पर उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार की लोकप्रिय योजनाओं को बदनाम करने की कोशिश भाजपा की पुरानी आदत है। महासचिव पांडेय ने यह स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम हेमंत सरकार का एक सफल और महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जो सभी वर्गों तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुँचाने में मदद कर रहा है। इस कार्यक्रम की जानकारी पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है।
सरकार का संवेदनशील दृष्टिकोण
पांडेय ने बताया कि भाजपा को इस कार्यक्रम की सफलता से असहजता है, क्योंकि यह सरकार अंतिम व्यक्ति तक पहुँचकर उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर रही है। हेमंत सरकार ने मध्यस्थों तथा दलालों से जनता को मुक्त कर एक नई मिसाल कायम की है। यह प्रकार का संवेदनशील शासन भाजपा की नीतियों से मेल नहीं खाता।
मंईयां सम्मान योजना की सफलता पर भाजपा की चिंताएँ
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा को महिलाओं, कर्मचारियों और ग्रामीण जनता की चिंता नहीं है, बल्कि अपनी खोई हुई राजनीतिक स्थिति की फिक्र है। पांडेय का कहना है कि मंईयां सम्मान योजना के समकक्ष भाजपा शासित राज्यों में भी योजनाएं बनाई गई हैं, जिससे भाजपा के आरोप केवल हेमंत सोरेन की बढ़ती लोकप्रियता की वजह से उत्पन्न हुए हैं।
राजनीतिक निराशा के संकेत
महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा के आरोपों को “राजनीतिक हताशा की उपज” बताया। उनकी राय में, मंईयां सम्मान योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण कदम है। भाजपा को इस योजना से तकलीफ इसीलिए हो रही है क्योंकि वह अपने कार्यकाल में महिलाओं के लिए कोई स्वतंत्र आर्थिक सहायता योजना शुरू नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि यह योजना झारखंड की 50 लाख से अधिक महिलाओं को नियमित लाभ प्रदान कर रही है।
पारदर्शिता का महत्व
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि जनता के पैसे का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ होना चाहिए, जो भाजपा के शासन में नहीं किया गया। भाजपा के पूंजीपति मित्रों द्वारा जनता का पैसा बैंकों में जमा करने के बाद माफ करना ठीक है, लेकिन जरूरतमंदों को उनका हक देना गलत लगता है।
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