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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के उपकप्तान और प्रमुख बल्लेबाज श्रेयस अय्यर गंभीर चिकित्सा समस्याओं का सामना कर रहे हैं। पेट की गंभीर चोट के कारण उनकी वापसी में लंबा समय लग सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) अय्यर की फिटनेस को लेकर जल्दबाजी नहीं करना चाहता।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अय्यर न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली आगामी वनडे श्रृंखला से बाहर रहेंगे। इसके अलावा, उन्हें आईपीएल 2026 में भी पूरा सीजन खेलने का कोई मौका नहीं मिलेगा, लेकिन उनकी रिकवरी की संभावनाएं बनी हुई हैं।
श्रेयस अय्यर की चोट कैसे लगी?
25 अक्टूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए तीसरे वनडे मैच के दौरान श्रेयस अय्यर एक कैच लेते समय गलत तरीके से गिरे, जिससे उन्हें पेट पर गंभीर चोट लगी। प्रारंभ में इसे मामूली चोट समझा गया, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि उनके स्प्लीन में समस्या आ गई है जिसके चलते अंदरूनी रक्तस्राव भी शुरू हो गया है।
बीसीसीआई ने तुरंत अय्यर को आईसीयू में भर्ती कराया और एक छोटे से ऑपरेशन से रक्तस्राव को नियंत्रित किया। उनकी स्थिति स्थिर होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई और वे भारत लौट आए।
अभी रिहैब की क्या स्थिति है?
हाल ही में अय्यर का अल्ट्रासाउंड (USG) किया गया। अच्छी खबर यह है कि उनकी रिकवरी संतोषजनक प्रगति पर है। वे अब हल्की-फुल्की एक्सरसाइज और दैनिक कामकाज शुरू कर सकते हैं। हालांकि, डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि अगले एक महीने के लिए पेट पर कोई भारी दबाव डालने वाली गतिविधियों से बचना है।
दो महीने बाद फिर से अल्ट्रासाउंड किया जाएगा। उसके परिणामों के आधार पर उन्हें बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में पूरी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
कब तक रहेंगे अय्यर मैदान से बाहर?
एक रिपोर्ट के अनुसार, श्रेयस अय्यर साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे श्रृंखला और न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज भी मिस कर सकते हैं। इसके अलावा, आईपीएल के कुछ मैच भी उनकी पहुंच से बाहर रह सकते हैं। लेकिन 2026 के आईपीएल में फिट होने की उम्मीद है, हालांकि वे शुरुआती कुछ मैचों से जरूर गायब रह सकते हैं।
चोट लगने की संभावनाएं
श्रेयस अय्यर की यह चोट ऐसी है जिसमें जल्दबाजी करना खतरनाक साबित हो सकता है। यदि स्प्लीन की चोट के कारण जल्दी भारी एक्सरसाइज या मैच दबाव लिया गया, तो पुनः अंदरूनी रक्तस्राव होने की आशंका है, जो कि जीवन के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।
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